प्रयोगशाला
शनिवार, 26 जनवरी 2019
चिंता
रात अक्षरशः आगे बढ़ती है
मैं कविता नहीं कहता हूं
इससे पहले कि सो जाए दुनिया
बच्चों को लोरियां सुनाता हूं!
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